बहुत छोटी सी
नन्ही सी है वो
मैंने उसे देखा नहीं
कभी,पर अक्सर
माँ के पास ही
मिलती थी मुझे,
जब भी घोर अंधेरा
छा जाता है , मन
मायूस सा हो जाता है
हर साँस एक घुटन के
साथ निकलती है..
तब पता नहीं कैसे माँ
"उसको" मेरे पास भेज
देती है और वो आकर मेरे
कानों में हौले से कहती है
"सब अच्छा होगा"
सच में एक "उम्मीद" जीने
की कई वजह दे जाती है !!
रेखा

Comments
Awesome